शौनकजी! जिस समय भगवान् राजमार्गसे जा रहे थे, उस समय द्वारकाकी कुल-कामिनियाँ भगवान्के दर्शनको ही परमानन्द मानकर अपनी-अपनी अटारियोंपर चढ़ गयीं॥ २४॥✎ 82
राजमार्गं गते कृष्णे द्वारकायाः कुलस्त्रियः।
हर्म्याण्यारुरुहुर्विप्र तदीक्षणमहोत्सवाः॥ २४
शौनकजी! जिस समय भगवान् राजमार्गसे जा रहे थे, उस समय द्वारकाकी कुल-कामिनियाँ भगवान्के दर्शनको ही परमानन्द मानकर अपनी-अपनी अटारियोंपर चढ़ गयीं॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.11.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 132) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/11/24/