श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

इस संस्करणका परिचय

यह श्रीमद्भागवत महापुराण (सचित्र, सरल हिन्दी व्याख्यासहित) गीताप्रेस, गोरखपुरका प्रकाशन है — दो खण्ड, गीताप्रेसके कोड 26 और 27। पाठ गीताप्रेसके अपने EPUBका है, और उसका प्रत्येक अक्षर, प्रत्येक शब्दोंके बीचका स्थान और प्रत्येक पंक्ति गीताप्रेसके अपने मुद्रित पृष्ठों (PDF) से मिलाई गयी है।

जहाँ EPUB मुद्रित पृष्ठसे भिन्न मिला, वहाँ मुद्रित पृष्ठका पाठ रखा गया। जहाँ आजके मुद्रित ग्रन्थ और EPUB दोनोंमें एक ही भूल थी, वहाँ गीताप्रेसके पुराने संस्करणोंके पृष्ठोंके चित्र, और ग्रन्थकी अपनी गणना, सूत्र और प्रयोग प्रमाण माने गये। प्रत्येक शुद्धि अपने स्थान, पहलेके और अबके पाठ, और प्रमाणके साथ शुद्धि-पत्रमें है।

14,802श्लोक345अध्याय (माहात्म्यसहित)1,534टिप्पणियाँ2,256शुद्धियाँ0अव्याख्यात अन्तर

श्लोकोंके क्रमांक गीताप्रेसके अपने हैं (स्कन्ध.अध्याय.श्लोक; दोनों माहात्म्य PRE और POST)। हर श्लोकका अपना पृष्ठ है, जिसमें उसका मूल, उसका हिन्दी अर्थ (जहाँ कई श्लोकोंका अर्थ एक साथ छपा है, वहाँ वह भी बताया गया है), टिप्पणियाँ और उसमें की गयी शुद्धियाँ हैं।

गीताप्रेस, गोरखपुरका प्रकाशन (दो खण्ड, कोड 26 और 27), गीताप्रेसके अपने मुद्रित पृष्ठोंसे अक्षरशः शुद्ध किया हुआ। प्रत्येक शुद्धि प्रमाणसहित शुद्धि-पत्रमें।

पढ़नेकी विधि

अक्षरका आकार
सामान्य
अध्यायमें क्या दिखे
रोमन लिप्यन्तरण (IAST)
पंक्तियोंके बीच
रंग
सहायता

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