भीमसेन! गौ आदि अच्छे पशु मुझे अपने बायें करके जाते हैं और गधे आदि बुरे पशु मुझे अपने दाहिने कर देते हैं। मेरे घोड़े आदि वाहन मुझे रोते हुए दिखायी देते हैं॥ १३॥✎ 93
शस्ताः कुर्वन्ति मां सव्यं दक्षिणं पशवोऽपरे।
वाहांश्च पुरुषव्याघ्र लक्षये रुदतो मम॥ १३
भीमसेन! गौ आदि अच्छे पशु मुझे अपने बायें करके जाते हैं और गधे आदि बुरे पशु मुझे अपने दाहिने कर देते हैं। मेरे घोड़े आदि वाहन मुझे रोते हुए दिखायी देते हैं॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.14.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 147) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/14/13/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)