श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.16.13

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

तत्र तत्रोपशृण्वानः स्वपूर्वेषां महात्मनाम्।

प्रगीयमाणं२ च यशः कृष्णमाहात्म्यसूचकम्॥ १३

tatra tatropaśṛṇvānaḥ svapūrveṣāṃ mahātmanām|

pragīyamāṇaṃ ca yaśaḥ kṛṣṇamāhātmyasūcakam|| 13

अर्थ

उन्हें उन देशोंमें सर्वत्र अपने पूर्वज महात्माओंका सुयश सुननेको मिला। उस यशोगानसे पद-पदपर भगवान् श्रीकृष्णकी महिमा प्रकट होती थी॥ १३॥

टिप्पणियाँ

  1. २

    प्रा० पा०—गीयमानं च पुरतः।

    (मुद्रित पृष्ठ 159)

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