उन्होंने उत्तरकी पुत्री इरावतीसे विवाह किया। उससे उन्होंने जनमेजय आदि चार पुत्र उत्पन्न किये॥ २॥
स उत्तरस्य तनयामुपयेम इरावतीम्।
जनमेजयादींश्चतुरस्तस्यामुत्पादयत् सुतान्॥ २
उन्होंने उत्तरकी पुत्री इरावतीसे विवाह किया। उससे उन्होंने जनमेजय आदि चार पुत्र उत्पन्न किये॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.16.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 158) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/16/2/