अर्जुनने कहा—श्रीकृष्ण! तुम सच्चिदानन्द-स्वरूप परमात्मा हो। तुम्हारी शक्ति अनन्त है। तुम्हीं भक्तोंको अभय देनेवाले हो। जो संसारकी धधकती हुई आगमें जल रहे हैं, उन जीवोंको उससे उबारनेवाले एकमात्र तुम्हीं हो॥ २२॥
कृष्ण कृष्ण महाबाहो भक्तानामभयङ्कर।
त्वमेको दह्यमानानामपवर्गोऽसि संसृतेः॥ २२
अर्जुनने कहा—श्रीकृष्ण! तुम सच्चिदानन्द-स्वरूप परमात्मा हो। तुम्हारी शक्ति अनन्त है। तुम्हीं भक्तोंको अभय देनेवाले हो। जो संसारकी धधकती हुई आगमें जल रहे हैं, उन जीवोंको उससे उबारनेवाले एकमात्र तुम्हीं हो॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.7.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 109) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/1/7/22/