॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 1.8.21
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च।
नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः॥ २१
kṛṣṇāya vāsudevāya devakīnandanāya ca|
nandagopakumārāya govindāya namo namaḥ|| 21
अर्थ
आप श्रीकृष्ण, वासुदेव, देवकीनन्दन, नन्द गोपके लाड़ले लाल गोविन्दको हमारा बारंबार प्रणाम है॥ २१॥