tābhyo devyai namaścakre śeṣāṃ ca jagṛhe vadhūḥ|| 49
अर्थ
तब ब्राह्मणियोंने उन्हें प्रसाद देकर आशीर्वाद दिये और दुलहिनने ब्राह्मणियों और माता अम्बिकाको नमस्कार करके प्रसाद ग्रहण किया॥ ४९॥
तस्यै स्त्रियस्ताः प्रददुः शेषां युयुजुराशिषः।
ताभ्यो देव्यै नमश्चक्रे शेषां च जगृहे वधूः॥ ४९
तब ब्राह्मणियोंने उन्हें प्रसाद देकर आशीर्वाद दिये और दुलहिनने ब्राह्मणियों और माता अम्बिकाको नमस्कार करके प्रसाद ग्रहण किया॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.53.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 472) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/53/49/