श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.55.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 55 · अथ पञ्चपञ्चाशत्तमोऽध्यायः

प्रभाष्यैवं ददौ विद्यां प्रद्युम्‍नाय महात्मने।

मायावती महामायां सर्वमायाविनाशिनीम्॥ १६

prabhāṣyaivaṃ dadau vidyāṃ pradyumnāya mahātmane|

māyāvatī mahāmāyāṃ sarvamāyāvināśinīm|| 16

अर्थ

मायावती रतिने इस प्रकार कहकर परमशक्तिशाली प्रद्युम्‍नको महामाया नामकी विद्या सिखायी। यह विद्या ऐसी है, जो सब प्रकारकी मायाओंका नाश कर देती है॥ १६॥

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