॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.56.26
जाने त्वां सर्वभूतानां प्राण ओजः सहो बलम्।
विष्णुं पुराणपुरुषं प्रभविष्णुमधीश्वरम्॥ २६
jāne tvāṃ sarvabhūtānāṃ prāṇa ojaḥ saho balam|
viṣṇuṃ purāṇapuruṣaṃ prabhaviṣṇumadhīśvaram|| 26
अर्थ
‘प्रभो! मैं जान गया। आप ही समस्त प्राणियोंके स्वामी, रक्षक, पुराणपुरुष भगवान् विष्णु हैं। आप ही सबके प्राण, इन्द्रियबल, मनोबल और शरीरबल हैं॥ २६॥✎ 2114