श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.59.33

दशम स्कन्ध · अध्याय 59 · अथैकोनषष्टितमोऽध्यायः

तत्र राजन्यकन्यानां षट्सहस्राधिकायुतम्।

भौमाहृतानां विक्रम्य राजभ्यो ददृशे हरिः॥ ३३

tatra rājanyakanyānāṃ ṣaṭsahasrādhikāyutam|

bhaumāhṛtānāṃ vikramya rājabhyo dadṛśe hariḥ|| 33

अर्थ

वहाँ जाकर भगवान्‌ने देखा कि भौमासुरने बलपूर्वक राजाओंसे सोलह हजार राजकुमारियाँ छीनकर अपने यहाँ रख छोड़ी थीं॥ ३३॥

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