श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.61.15

दशम स्कन्ध · अध्याय 61 · अथैकषष्टितमोऽध्यायः

प्रघोषो गात्रवान्सिंहो बलः प्रबल ऊर्ध्वगः।

माद्र्याः पुत्रा महाशक्तिः सह ओजोऽपराजितः॥ १५

praghoṣo gātravānsiṃho balaḥ prabala ūrdhvagaḥ|

mādryāḥ putrā mahāśaktiḥ saha ojo'parājitaḥ|| 15

अर्थ

मद्रदेशकी राजकुमारी लक्ष्मणाके गर्भसे प्रघोष, गात्रवान्, सिंह, बल, प्रबल, ऊर्ध्वग, महाशक्ति, सह, ओज और अपराजितका जन्म हुआ॥ १५॥

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