श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.63.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 63 · अथ त्रिषष्टितमोऽध्यायः

कुम्भाण्डः कूपकर्णश्‍च पेततुर्मुसलार्दितौ।

दुद्रुवुस्तदनीकानि हतनाथानि सर्वतः॥ १६

kumbhāṇḍaḥ kūpakarṇaśca petaturmusalārditau|

dudruvustadanīkāni hatanāthāni sarvataḥ|| 16

अर्थ

बलरामजीने अपने मूसलकी चोटसे कुम्भाण्ड और कूपकर्णको घायल कर दिया, वे रणभूमिमें गिर पड़े। इस प्रकार अपने सेनापतियोंको हताहत देखकर बाणासुरकी सारी सेना तितर-बितर हो गयी॥ १६॥

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