श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.66.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 66 · अथ षट्षष्टितमोऽध्यायः

शूलैर्गदाभिः परिघैः शक्त्यृष्टिप्रासतोमरैः।

असिभिः पट्टिशैर्बाणैः प्राहरन्‍नरयो हरिम्॥ १६

śūlairgadābhiḥ parighaiḥ śaktyṛṣṭiprāsatomaraiḥ|

asibhiḥ paṭṭiśairbāṇaiḥ prāharannarayo harim|| 16

अर्थ

अब शत्रुओंने भगवान् श्रीकृष्णपर त्रिशूल, गदा, मुद्गर, शक्ति, ऋष्टि, प्रास, तोमर, तलवार, पट्टिश और बाण आदि अस्त्र-शस्त्रोंसे प्रहार किया॥ १६॥✎ 1700

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1700 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: काशि-राजके → काशिराजके

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