svayaṃ ca kṛṣṇayā rājan bhaginyā cābhivanditaḥ|| 41
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने अपनी फूआ कुन्ती और गुरुजनोंकी पत्नियोंका अभिवादन किया। उनकी बहिन सुभद्रा और द्रौपदीने भगवान्को नमस्कार किया॥ ४१॥
पितृष्वसुर्गुरुस्त्रीणां कृष्णश्चक्रेऽभिवादनम्।
स्वयं च कृष्णया राजन् भगिन्या चाभिवन्दितः॥ ४१
भगवान् श्रीकृष्णने अपनी फूआ कुन्ती और गुरुजनोंकी पत्नियोंका अभिवादन किया। उनकी बहिन सुभद्रा और द्रौपदीने भगवान्को नमस्कार किया॥ ४१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.71.41 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 579) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/71/41/