परीक्षित्! इसके बाद भीमसेन, अर्जुन और भगवान् श्रीकृष्ण—ये तीनों ही ब्राह्मणका वेष धारण करके गिरिव्रज गये। वही जरासन्धकी राजधानी थी॥ १६॥
भीमसेनोऽर्जुनः कृष्णो ब्रह्मलिंगधरास्त्रयः।
जग्मुर्गिरिव्रजं तात बृहद्रथसुतो यतः॥ १६
परीक्षित्! इसके बाद भीमसेन, अर्जुन और भगवान् श्रीकृष्ण—ये तीनों ही ब्राह्मणका वेष धारण करके गिरिव्रज गये। वही जरासन्धकी राजधानी थी॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.72.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 582) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/72/16/