श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.72.16

दशम स्कन्ध · अध्याय 72 · अथ द्विसप्ततितमोऽध्यायः

भीमसेनोऽर्जुनः कृष्णो ब्रह्मलिंगधरास्त्रयः।

जग्मुर्गिरिव्रजं तात बृहद्रथसुतो यतः॥ १६

bhīmaseno'rjunaḥ kṛṣṇo brahmaliṃgadharāstrayaḥ|

jagmurgirivrajaṃ tāta bṛhadrathasuto yataḥ|| 16

अर्थ

परीक्षित्! इसके बाद भीमसेन, अर्जुन और भगवान् श्रीकृष्ण—ये तीनों ही ब्राह्मणका वेष धारण करके गिरिव्रज गये। वही जरासन्धकी राजधानी थी॥ १६॥

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