श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.72.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 72 · अथ द्विसप्ततितमोऽध्यायः

असौ वृकोदरः पार्थस्तस्य भ्रातार्जुनो ह्ययम्।

अनयोर्मातुलेयं मां कृष्णं जानीहि ते रिपुम्॥ २९

asau vṛkodaraḥ pārthastasya bhrātārjuno hyayam|

anayormātuleyaṃ māṃ kṛṣṇaṃ jānīhi te ripum|| 29

अर्थ

देखो, ये पाण्डुपुत्र भीमसेन हैं और यह इनका भाई अर्जुन है और मैं इन दोनोंका ममेरा भाई तथा आपका पुराना शत्रु कृष्ण हूँ’॥ २९॥

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