श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.76.11

दशम स्कन्ध · अध्याय 76 · अथ षट्सप्ततितमोऽध्यायः

शिला द्रुमाश्‍चाशनयः सर्पा आसारशर्कराः।

प्रचण्डश्‍चक्रवातोऽभूद् रजसाऽऽच्छादिता दिशः॥ ११

śilā drumāścāśanayaḥ sarpā āsāraśarkarāḥ|

pracaṇḍaścakravāto'bhūd rajasā''cchāditā diśaḥ|| 11

अर्थ

बड़ी-बड़ी चट्टानें, वृक्ष, वज्र, सर्प और ओले बरसने लगे। बड़े जोरका बवंडर उठ खड़ा हुआ। चारों ओर धूल-ही-धूल छा गयी॥ ११॥

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