श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.76.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 76 · अथ षट्सप्ततितमोऽध्यायः

शतेनाताडयच्छाल्वमेकैकेनास्य सैनिकान्।

दशभिर्दशभिर्नेतॄन् वाहनानि त्रिभिस्त्रिभिः॥ १९✎ 1189

śatenātāḍayacchālvamekaikenāsya sainikān|

daśabhirdaśabhirnetṝn vāhanāni tribhistribhiḥ|| 19

अर्थ

परममनस्वी प्रद्युम्‍नजीने सेनापतिके साथ ही शाल्वको भी सौ बाण मारे, फिर प्रत्येक सैनिकको एक-एक और सारथियोंको दस-दस तथा वाहनोंको तीन-तीन बाणोंसे घायल किया॥ १९॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1189 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): दशभिर्दशभिर्नेतृन् → दशभिर्दशभिर्नेतॄन्

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