saubhaṃ ca śālvarājaṃ ca dārukaṃ prāha keśavaḥ|| 9
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने द्वारकामें पहुँचकर देखा कि सचमुच यादवोंपर बड़ी विपत्ति आयी है। तब उन्होंने बलरामजीको नगरकी रक्षाके लिये नियुक्त कर दिया और सौभपति शाल्वको देखकर अपने सारथि दारुकसे कहा—॥ ९॥
वीक्ष्य तत् कदनं स्वानां निरूप्य पुररक्षणम्।
सौभं च शाल्वराजं च दारुकं प्राह केशवः॥ ९
भगवान् श्रीकृष्णने द्वारकामें पहुँचकर देखा कि सचमुच यादवोंपर बड़ी विपत्ति आयी है। तब उन्होंने बलरामजीको नगरकी रक्षाके लिये नियुक्त कर दिया और सौभपति शाल्वको देखकर अपने सारथि दारुकसे कहा—॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.77.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 607) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/77/9/