ऋषियोंने कहा—बलरामजी! इल्वलका पुत्र बल्वल नामका एक भयंकर दानव है। वह प्रत्येक पर्वपर यहाँ आ पहुँचता है और हमारे इस सत्रको दूषित कर देता है॥ ३८॥
इल्वलस्य सुतो घोरो बल्वलो नाम दानवः।
स दूषयति नः सत्रमेत्य पर्वणि पर्वणि॥ ३८
ऋषियोंने कहा—बलरामजी! इल्वलका पुत्र बल्वल नामका एक भयंकर दानव है। वह प्रत्येक पर्वपर यहाँ आ पहुँचता है और हमारे इस सत्रको दूषित कर देता है॥ ३८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.78.38 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 615) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/78/38/