श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.81.24

दशम स्कन्ध · अध्याय 81 · अथैकाशीतितमोऽध्यायः

एवं मीमांसमानं तं नरा नार्योऽमरप्रभाः।

प्रत्यगृह्णन् महाभागं गीतवाद्येन भूयसा॥ २४

evaṃ mīmāṃsamānaṃ taṃ narā nāryo'maraprabhāḥ|

pratyagṛhṇan mahābhāgaṃ gītavādyena bhūyasā|| 24

अर्थ

इस प्रकार वे सोच ही रहे थे कि देवताओंके समान सुन्दर-सुन्दर स्त्री-पुरुष गाजे-बाजेके साथ मंगलगीत गाते हुए उस महाभाग्यवान् ब्राह्मणकी अगवानी करनेके लिये आये॥ २४॥

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