इस प्रकार जिस समय स्त्रियोंसे स्त्रियाँ और पुरुषोंसे पुरुष बातचीत कर रहे थे, उसी समय बहुत-से ऋषि-मुनि भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका दर्शन करनेके लिये वहाँ आये॥ २॥
इति सम्भाषमाणासु स्त्रीभिः स्त्रीषु नृभिर्नृषु।
आययुर्मुनयस्तत्र कृष्णरामदिदृक्षया॥ २
इस प्रकार जिस समय स्त्रियोंसे स्त्रियाँ और पुरुषोंसे पुरुष बातचीत कर रहे थे, उसी समय बहुत-से ऋषि-मुनि भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका दर्शन करनेके लिये वहाँ आये॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.84.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 643) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/84/2/