परीक्षित्! उन लोगोंने यह बात जाननेके लिये ब्रह्मा, विष्णु और शिवकी परीक्षा लेनेके उद्देश्यसे ब्रह्माके पुत्र भृगुजीको उनके पास भेजा। महर्षि भृगु सबसे पहले ब्रह्माजीकी सभामें गये॥ २॥
तस्य जिज्ञासया ते वै भृगुं ब्रह्मसुतं नृप।
तज्ज्ञप्त्यै प्रेषयामासुः सोऽभ्यगाद् ब्रह्मणः सभाम्॥ २
परीक्षित्! उन लोगोंने यह बात जाननेके लिये ब्रह्मा, विष्णु और शिवकी परीक्षा लेनेके उद्देश्यसे ब्रह्माके पुत्र भृगुजीको उनके पास भेजा। महर्षि भृगु सबसे पहले ब्रह्माजीकी सभामें गये॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.89.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 693) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/89/2/