॥ श्रीहरिः ॥
स एव चन्द्रगुप्तं वै द्विजो राज्येऽभिषेक्ष्यति।
तत्सुतो वारिसारस्तु ततश्चाशोकवर्धनः॥ १३
sa eva candraguptaṃ vai dvijo rājye'bhiṣekṣyati|
tatsuto vārisārastu tataścāśokavardhanaḥ|| 13
अर्थ
वही ब्राह्मण पहले-पहल चन्द्रगुप्त मौर्यको राजाके पदपर अभिषिक्त करेगा। चन्द्रगुप्तका पुत्र होगा वारिसार और वारिसारका अशोकवर्द्धन॥ १३॥
स एव चन्द्रगुप्तं वै द्विजो राज्येऽभिषेक्ष्यति।
तत्सुतो वारिसारस्तु ततश्चाशोकवर्धनः॥ १३
वही ब्राह्मण पहले-पहल चन्द्रगुप्त मौर्यको राजाके पदपर अभिषिक्त करेगा। चन्द्रगुप्तका पुत्र होगा वारिसार और वारिसारका अशोकवर्द्धन॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.1.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 908) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/1/13/