श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.18

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

ततो भागवतस्तस्माद् देवभूतिरिति श्रुतः।

शुंगा दशैते भोक्ष्यन्ति भूमिं वर्षशताधिकम्॥ १८

tato bhāgavatastasmād devabhūtiriti śrutaḥ|

śuṃgā daśaite bhokṣyanti bhūmiṃ varṣaśatādhikam|| 18

अर्थ

वज्रमित्रका भागवत और भागवतका पुत्र होगा देवभूति। शुंगवंशके ये दस नरपति एक सौ बारह वर्षतक पृथ्वीका पालन करेंगे॥ १८॥

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