॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 12.11.40
क्रतुर्वर्चा भरद्वाजः पर्जन्यः सेनजित्तथा।
विश्व ऐरावतश्चैव तपस्याख्यं नयन्त्यमी॥ ४०
kraturvarcā bharadvājaḥ parjanyaḥ senajittathā|
viśva airāvataścaiva tapasyākhyaṃ nayantyamī|| 40
अर्थ
फाल्गुन मासका कार्यकाल पर्जन्य नामक सूर्यका है। उनके साथ क्रतु यक्ष, वर्चा राक्षस, भरद्वाज ऋषि, सेनजित् अप्सरा, विश्व गन्धर्व और ऐरावत सर्प रहते हैं॥ ४०॥