श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.13.4

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

ब्राह्मं दशसहस्राणि पाद्मं पंचोनषष्टि च।

श्रीवैष्णवं त्रयोविंशच्चतुर्विंशति शैवकम्॥ ४

brāhmaṃ daśasahasrāṇi pādmaṃ paṃconaṣaṣṭi ca|

śrīvaiṣṇavaṃ trayoviṃśaccaturviṃśati śaivakam|| 4

अर्थ

ब्रह्मपुराणमें दस हजार श्‍लोक, पद्मपुराणमें पचपन हजार, श्रीविष्णुपुराणमें तेईस हजार और शिवपुराणकी श्‍लोकसंख्या चौबीस हजार है॥ ४॥

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