ये ये भूपतयो राजन् भुंजन्ति भुवमोजसा।✎ 123712381239
कालेन ते कृताः सर्वे कथामात्राः कथासु च॥ ४४
ye ye bhūpatayo rājan bhuṃjanti bhuvamojasā|
kālena te kṛtāḥ sarve kathāmātrāḥ kathāsu ca|| 44
अर्थ
प्रिय परीक्षित्! जो-जो नरपति बड़े उत्साह और बल-पौरुषसे इस पृथ्वीके उपभोगमें लगे रहे, उन सबको कालने अपने विकराल गालमें धर दबाया। अब केवल इतिहासमें उनकी कहानी ही शेष रह गयी है॥ ४४॥
ये ये भूपतयो राजन् भुंजन्ति भुवमोजसा।
कालेन ते कृताः सर्वे कथामात्राः कथासु च॥ ४४
प्रिय परीक्षित्! जो-जो नरपति बड़े उत्साह और बल-पौरुषसे इस पृथ्वीके उपभोगमें लगे रहे, उन सबको कालने अपने विकराल गालमें धर दबाया। अब केवल इतिहासमें उनकी कहानी ही शेष रह गयी है॥ ४४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.2.44 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 916) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/2/44/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)
#1237 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): भुञ्जते → भुञ्जति
#1238 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): भुञ्जति → भुञ्ति
#1239 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): भुञ्ति → भुंजन्ति