शौनकजीने पूछा—साधुशिरोमणि सूतजी! वेदव्यासजीके शिष्य पैल आदि महर्षि बड़े महात्मा और वेदोंके आचार्य थे। उन लोगोंने कितने प्रकारसे वेदोंका विभाजन किया, यह बात आप कृपा करके हमें सुनाइये॥ ३६॥
पैलादिभिर्व्यासशिष्यैर्वेदाचार्यैर्महात्मभिः।
वेदाश्च कतिधा व्यस्ता एतत् सौम्याभिधेहि नः॥ ३६
शौनकजीने पूछा—साधुशिरोमणि सूतजी! वेदव्यासजीके शिष्य पैल आदि महर्षि बड़े महात्मा और वेदोंके आचार्य थे। उन लोगोंने कितने प्रकारसे वेदोंका विभाजन किया, यह बात आप कृपा करके हमें सुनाइये॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.6.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 937) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/6/36/