श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.8.10

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

सायं प्रातः स गुरवे भैक्ष्यमाहृत्य वाग्यतः।

बुभुजे गुर्वनुज्ञातः सकृन्‍नो चेदुपोषितः॥ १०

sāyaṃ prātaḥ sa gurave bhaikṣyamāhṛtya vāgyataḥ|

bubhuje gurvanujñātaḥ sakṛnno cedupoṣitaḥ|| 10

अर्थ

सायं-प्रातः भिक्षा लाकर गुरुदेवके चरणोंमें निवेदन कर देते और मौन हो जाते। गुरुजीकी आज्ञा होती तो एक बार खा लेते, अन्यथा उपवास कर जाते॥ १०॥

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