श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

द्वितीय स्कन्ध

10 अध्याय · 391 श्लोक

॥ ॐ तत्सत्॥

॥ श्रीगणेशायः नमः॥

श्रीमद्भागवतमहापुराणम्

द्वितीयः स्कन्धः

  1. 1अथ प्रथमोऽध्यायःध्यान-विधि और भगवान्‌के विराट्स्वरूपका वर्णन39 श्लोक
    पृष्ठ 181
  2. 2अथ द्वितीयोऽध्यायःभगवान्‌के स्थूल और सूक्ष्मरूपोंकी धारणा तथा क्रममुक्ति और सद्योमुक्तिका वर्णन37 श्लोक
    पृष्ठ 186
  3. 3अथ तृतीयोऽध्यायःकामनाओंके अनुसार विभिन्‍न देवताओंकी उपासना तथा भगवद्भक्तिके प्राधान्यका निरूपण25 श्लोक
    पृष्ठ 192
  4. 4अथ चतुर्थोऽध्यायःराजाका सृष्टिविषयक प्रश्न और शुकदेवजीका कथारम्भ25 श्लोक
    पृष्ठ 195
  5. 5अथ पञ्चमोऽध्यायःसृष्टि-वर्णन42 श्लोक
    पृष्ठ 199
  6. 6अथ षष्ठोऽध्यायःविराट्स्वरूपकी विभूतियोंका वर्णन45 श्लोक
    पृष्ठ 203
  7. 7अथ सप्तमोऽध्यायःभगवान्‌के लीलावतारोंकी कथा53 श्लोक
    पृष्ठ 208
  8. 8अथाष्टमोऽध्यायःराजा परीक्षित‍्के विविध प्रश्न29 श्लोक
    पृष्ठ 218
  9. 9अथ नवमोऽध्यायःब्रह्माजीका भगवद्धामदर्शन और भगवान्‌के द्वारा उन्हें चतुःश्लोकी भागवतका उपदेश45 श्लोक
    पृष्ठ 221
  10. 10अथ दशमोऽध्यायःभागवतके दस लक्षण51 श्लोक
    पृष्ठ 227

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