श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.10.23

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

श्वा सृगालो वृको व्याघ्रो मार्जारः शशशल्लकौ।

सिंहः कपिर्गजः कूर्मो गोधा च मकरादयः॥ २३

śvā sṛgālo vṛko vyāghro mārjāraḥ śaśaśallakau|

siṃhaḥ kapirgajaḥ kūrmo godhā ca makarādayaḥ|| 23

अर्थ

कुत्ता, गीदड़, भेड़िया, बाघ, बिलाव, खरगोश, साही, सिंह, बंदर, हाथी, कछुआ, गोह और मगर आदि (पशु) हैं॥ २३॥✎ 1589

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1589 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: (मुँह)-से → (मुँह)से

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