श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.11.14

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

संवत्सरः परिवत्सर इडावत्सर एव च।

अनुवत्सरो वत्सरश्‍च विदुरैवं प्रभाष्यते॥ १४

saṃvatsaraḥ parivatsara iḍāvatsara eva ca|

anuvatsaro vatsaraśca viduraivaṃ prabhāṣyate|| 14

अर्थ

सूर्य, बृहस्पति, सवन, चन्द्रमा और नक्षत्रसम्बन्धी महीनोंके भेदसे यह वर्ष ही संवत्सर, परिवत्सर, इडावत्सर, अनुवत्सर और वत्सर कहा जाता है॥ १४॥

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