मनुजीने आकूतिका विवाह रुचि प्रजापतिसे किया, मझली कन्या देवहूति कर्दमजीको दी और प्रसूति दक्ष प्रजापतिको। इन तीनों कन्याओंकी सन्ततिसे सारा संसार भर गया॥ ५६॥
आकूतिं रुचये प्रादात्कर्दमाय तु मध्यमाम्।
दक्षायादात्प्रसूतिं च यत आपूरितं जगत्॥ ५६
मनुजीने आकूतिका विवाह रुचि प्रजापतिसे किया, मझली कन्या देवहूति कर्दमजीको दी और प्रसूति दक्ष प्रजापतिको। इन तीनों कन्याओंकी सन्ततिसे सारा संसार भर गया॥ ५६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.12.56 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 292) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/12/56/