श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.19.23

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 19 · अथैकोनविंशोऽध्यायः

तदा दितेः समभवत्सहसा हृदि वेपथुः।

स्मरन्त्या भर्तुरादेशं स्तनाच्चासृक् प्रसुस्रुवे॥ २३

tadā diteḥ samabhavatsahasā hṛdi vepathuḥ|

smarantyā bharturādeśaṃ stanāccāsṛk prasusruve|| 23

अर्थ

उस समय अपने पतिका कथन स्मरण हो आनेसे दितिका हृदय सहसा काँप उठा और उसके स्तनोंसे रक्त बहने लगा॥ २३॥✎ 286 287

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
  • #286 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने
  • #287 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् को → भगवान्‌को

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