श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.24.21

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

गते शतधृतौ क्षत्तः कर्दमस्तेन चोदितः।

यथोदितं स्वदुहितॄः प्रादाद्विश्‍वसृजां ततः॥ २१✎ 1013

gate śatadhṛtau kṣattaḥ kardamastena coditaḥ|

yathoditaṃ svaduhitṝḥ prādādviśvasṛjāṃ tataḥ|| 21

अर्थ

ब्रह्माजीके चले जानेपर कर्दमजीने उनके आज्ञानुसार मरीचि आदि प्रजापतियोंके साथ अपनी कन्याओंका विधिपूर्वक विवाह कर दिया॥ २१॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1013 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): स्वदुहितृ: → स्वदुहितॄः

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