श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.24.9

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

तत्कर्दमाश्रमपदं सरस्वत्या परिश्रितम्।

स्वयम्भूः साकमृषिभिर्मरीच्यादिभिरभ्ययात्॥ ९

tatkardamāśramapadaṃ sarasvatyā pariśritam|

svayambhūḥ sākamṛṣibhirmarīcyādibhirabhyayāt|| 9

अर्थ

इसी समय सरस्वती नदीसे घिरे हुए कर्दमजीके उस आश्रममें मरीचि आदि मुनियोंके सहित श्रीब्रह्माजी आये॥ ९॥

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