श्रीशुकदेवजी कहते हैं—महारानी मेरुदेवीके सुनते हुए उसके पतिसे इस प्रकार कहकर भगवान् अन्तर्धान हो गये॥ १९॥
इति निशामयन्त्या मेरुदेव्याः पतिमभिधायान्तर्दधे भगवान्॥ १९॥
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—महारानी मेरुदेवीके सुनते हुए उसके पतिसे इस प्रकार कहकर भगवान् अन्तर्धान हो गये॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 5.3.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 590) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/5/3/19/