श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.11.7

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

तेन देवगणाः सर्वे वृत्रविस्फोटनेन वै।

निपेतुर्मूर्च्छिता भूमौ यथैवाशनिना हताः॥ ७

tena devagaṇāḥ sarve vṛtravisphoṭanena vai|

nipeturmūrcchitā bhūmau yathaivāśaninā hatāḥ|| 7

अर्थ

वृत्रासुरकी भयानक गर्जनासे सब-के-सब देवता मूर्च्छित होकर पृथ्वीपर गिर पड़े, मानो उनपर बिजली गिर गयी हो॥ ७॥

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