प्रचेताओ! समस्त प्राणियोंके हृदयमें सर्वशक्तिमान् भगवान् आत्माके रूपमें विराजमान हैं। इसलिये आपलोग सभीको भगवान्का निवासस्थान समझें। यदि आप ऐसा करेंगे तो भगवान्को प्रसन्न कर लेंगे॥ १३॥✎ 507508
अन्तर्देहेषु भूतानामात्माऽऽस्ते हरिरीश्वरः।
सर्वं तद्धिष्ण्यमीक्षध्वमेवं वस्तोषितो ह्यसौ॥ १३
प्रचेताओ! समस्त प्राणियोंके हृदयमें सर्वशक्तिमान् भगवान् आत्माके रूपमें विराजमान हैं। इसलिये आपलोग सभीको भगवान्का निवासस्थान समझें। यदि आप ऐसा करेंगे तो भगवान्को प्रसन्न कर लेंगे॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.4.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 718) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/4/13/