परीक्षित्! पहले प्रजापति दक्षने जल, थल और आकाशमें रहनेवाले देवता, असुर एवं मनुष्य आदि प्रजाकी सृष्टि अपने संकल्पसे ही की॥ १९॥✎ 509510
मनसैवासृजत्पूर्वं प्रजापतिरिमाः प्रजाः।
देवासुरमनुष्यादीन्नभःस्थलजलौकसः ॥ १९
परीक्षित्! पहले प्रजापति दक्षने जल, थल और आकाशमें रहनेवाले देवता, असुर एवं मनुष्य आदि प्रजाकी सृष्टि अपने संकल्पसे ही की॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.4.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 719) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/4/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)