॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 6.4.45
ब्रह्मा भवो भवन्तश्च मनवो विबुधेश्वराः।
विभूतयो मम ह्येता भूतानां भूतिहेतवः॥ ४५
brahmā bhavo bhavantaśca manavo vibudheśvarāḥ|
vibhūtayo mama hyetā bhūtānāṃ bhūtihetavaḥ|| 45
अर्थ
ब्रह्मा, शंकर, तुम्हारे जैसे प्रजापति, स्वायम्भुव आदि मनु तथा इन्द्रादि देवेश्वर—ये सब मेरी विभूतियाँ हैं और सभी प्राणियोंकी अभिवृद्धि करनेवाले हैं॥ ४५॥✎ 512