ye śraddadhyurvacaste vai majjantyaśmaplavā iva|| 14
अर्थ
ऐसा उपदेश करनेवाले कुमार्गकी ओर ले जानेवाले हैं। वे स्वयं घोर नरकमें गिरते हैं। उनकी बातपर जो लोग विश्वास करते हैं, वे पत्थरकी नावकी तरह डूब जाते हैं॥ १४॥
तेषां कुपथदेष्टॄणां पततां तमसि ह्यधः।
ये श्रद्दध्युर्वचस्ते वै मज्जन्त्यश्मप्लवा इव॥ १४
ऐसा उपदेश करनेवाले कुमार्गकी ओर ले जानेवाले हैं। वे स्वयं घोर नरकमें गिरते हैं। उनकी बातपर जो लोग विश्वास करते हैं, वे पत्थरकी नावकी तरह डूब जाते हैं॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.7.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 735) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/7/14/