॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 6.7.31
तस्मात् पितॄणामार्तानामार्तिं परपराभवम्।✎ 1083
तपसापनयंस्तात सन्देशं कर्तुमर्हसि॥ ३१
tasmāt pitṝṇāmārtānāmārtiṃ paraparābhavam|
tapasāpanayaṃstāta sandeśaṃ kartumarhasi|| 31
अर्थ
पुत्र! हम तुम्हारे पितर हैं। इस समय शत्रुओंने हमें जीत लिया है। हम बड़े दुःखी हो रहे हैं। तुम अपने तपोबलसे हमारा यह दुःख, दारिद्र्य, पराजय टाल दो। पुत्र! तुम्हें हमलोगोंकी आज्ञाका पालन करना चाहिये॥ ३१॥