श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.8.19

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

द्वैपायनो भगवानप्रबोधाद्

बुद्धस्तु पाखण्डगणात् प्रमादात्।

कल्किः कलेः कालमलात् प्रपातु

धर्मावनायोरुकृतावतारः ॥ १९

dvaipāyano bhagavānaprabodhād

buddhastu pākhaṇḍagaṇāt pramādāt|

kalkiḥ kaleḥ kālamalāt prapātu

dharmāvanāyorukṛtāvatāraḥ || 19

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्णद्वैपायन व्यासजी अज्ञानसे तथा बुद्धदेव पाखण्डियोंसे और प्रमादसे मेरी रक्षा करें। धर्मरक्षाके लिये महान् अवतार धारण करनेवाले भगवान् कल्कि पापबहुल कलिकालके दोषोंसे मेरी रक्षा करें॥ १९॥

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