जहाँ उस ब्राह्मणका शरीर पड़ा था, उसके ऊपरसे एक दिन गन्धर्वराज चित्ररथ अपनी स्त्रियोंके साथ विमानपर बैठकर निकले ॥ ३९॥
तस्योपरि विमानेन गन्धर्वपतिरेकदा।
ययौ चित्ररथः स्त्रीभिर्वृतो यत्र द्विजक्षयः॥ ३९
जहाँ उस ब्राह्मणका शरीर पड़ा था, उसके ऊपरसे एक दिन गन्धर्वराज चित्ररथ अपनी स्त्रियोंके साथ विमानपर बैठकर निकले ॥ ३९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.8.39 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 743) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/8/39/