श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.9.14

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तप्तताम्रशिखाश्मश्रुं मध्याह्नार्कोग्रलोचनम्॥ १४

taptatāmraśikhāśmaśruṃ madhyāhnārkogralocanam|| 14

अर्थ

उसके सिरके बाल और दाढ़ी-मूँछ तपे हुए ताँबेके समान लाल रंगके तथा नेत्र दोपहरके सूर्यके समान प्रचण्ड थे॥ १४॥

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