श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.9.3

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

स एव हि ददौ भागं परोक्षमसुरान् प्रति।

यजमानोऽवहद् भागं मातृस्नेहवशानुगः॥ ३

sa eva hi dadau bhāgaṃ parokṣamasurān prati|

yajamāno'vahad bhāgaṃ mātṛsnehavaśānugaḥ|| 3

अर्थ

साथ ही वे छिप-छिपकर असुरोंको भी आहुति दिया करते थे। उनकी माता असुरकुलकी थीं, इसीलिये वे मातृस्नेहके वशीभूत होकर यज्ञ करते समय उस प्रकार असुरोंको भाग पहुँचाया करते थे॥ ३॥

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