ब्रह्मण्यदेव परमात्मा श्रीकृष्णका यह परम पवित्र अवतार-चरित्र है। इसमें हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु इन दोनों दैत्योंके वधका वर्णन है॥ ४२॥✎ 631
एषा ब्रह्मण्यदेवस्य कृष्णस्य च महात्मनः।
अवतारकथा पुण्या वधो यत्रादिदैत्ययोः॥ ४२
ब्रह्मण्यदेव परमात्मा श्रीकृष्णका यह परम पवित्र अवतार-चरित्र है। इसमें हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु इन दोनों दैत्योंके वधका वर्णन है॥ ४२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.10.42 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 871) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/10/42/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)